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Sunday, April 13, 2014

माँ....शत शत नमन


 तूने यह क्या किया 
हमें अकेला क्यों छोड़ दिया

माँ तूने सब कष्ट झेले हमें उफ़ तक करने न दिया 
फिर आज हमें क्यों रोते  बिलखते छोड़ दिया 

घर सूना सूना है माँ बिन तेरे 
बबलू कह कर अब कौन पुकारे









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