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Saturday, April 18, 2015

श्रीनगर मे फिर से अपवित्र कृत्य


श्रीनगर मे फिर से अपवित्र कृत्य  
शुक्रवार के दिन श्रीनगर मे अपवित्र कृत्य का द्रश्य फिर से देखने को मिला. दिल को दर्द हुआ . यह घिनौना कृत्य पाकिस्तान परस्त हिन्दुस्तानियो द्वारा किया गया, निंदनीय हैं . रह रहे हिन्दुस्तान मे, खा रहे हिन्दुस्तान का और राग अलाप रहे पाकिस्तान का . इतना ही प्रेम  पाकिस्तान से है तो तुरंत वही क्यों न चले जाये यह सब, हाफ़िज़  इन्हें  गले लगाने को बेसब्र जो  हैं। 

मसरत आलम का हिंदुस्तान की धरती पर पाकिस्तान के झंडा लहराने और उसके गीत गाने  के घिनोने कृत्य से देश आहत हैं। अलगाववादियों के समर्थकों ने प्रदर्शन के दौरान जमकर पथराव करने के साथ हमारे राष्ट्रीय ध्वज को भी जलाया। हिंदुस्तान का स्वर्ग कहे जाने वाले  कश्मीर  नर्क से भी बदतर हालात में हैं शायद आज इन अपवित्र  कृत्यों  से।   देशद्रोह के घटना की पुनरावृत्ती निःसंदेह चिंताजनक हैं।  फांसी से कम की सजा तो होनी ही नहीं चाहिए। तभी देशद्रोहियों को सबक मिलेगा और ऐसी घटनाओं  का दोहराव नहीं होगा।  

राज्य और राष्ट्र की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों पर देशद्रोहियों  द्वारा पत्थरबाज़ी की घटना से दिल दहल गया , आखिर यह क्यों हो रहा है ? क्यों कर राज्य सरकार इनको पाबंद नहीं कर पा रही हैं। और केंद्र सरकार को भी ऐसी घटनाओं  पर तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और कड़ाई से निर्णय लेने में विलम्ब नहीं करना चाहिए आखिर  राष्ट्र की अस्मिता से जुड़ा मुद्दा हैं  यह.  राष्ट्रवादी श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान  हमें सदैव याद रखना होगा।

वे युवा जिन्हे स्कूल कॉलेज में अध्ययन में या अपने वयवसाय में व्यस्त होना चाहिए वे अलगाववादियों के चुंगल में फंसे हैं और राष्ट्र विरोधी कृत्यों में लिप्त हैं। बच्चों  और युवाओ के हाथो में पुस्तकें  होनी चाहिए उनके हाथो में पत्थर क्यों हैं ?

राष्ट्र की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों  के विरोध में जम्मू कश्मीर में सत्ता का त्याग अगर भाजपा को करना पड़े तो बिना समय गवाए राष्ट्र हित में ऐसा निर्णय ले लेना चाहिए।

लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता मसरत आलम की गिरफ्तारी पर भारत के खिलाफ जमकर आग उगली है । मसरत की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए हाफिज ने कहा कि पाकिस्तानी नारे उस श्रीनगर में लगाए गए थे, जो विवादित इलाका है और भारत का हिस्सा नहीं है। हाफिज को पाकिस्तान अगर भारत को सौंप दे तो उसे समझ में आ जायेगा की भारत का हिस्सा कौनसा  हैं  और कौनसा नहीं .

जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता आशिक हुसैन फक्तू की  पत्नी और अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी ने मसरत आलम का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के नारे लगाकर कुछ भी गलत नहीं किया। सरकार को आसिया अंद्राबी के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही तुरंत करनी चाहिए। देशद्रोही को समर्थन देना भी देशद्रोह से कम नहीं है। 

आज घाटी में देशद्रोहियों  के समर्थन में बंद प्रदर्शन हो रहा है क्या यह देशभक्तों  का कृत्य है। 

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