Sunday, November 14, 2010

सफ़ेद कपडे में ये काले इन्सान

इस देश में क्या हो रहा है 
किसको खबर नहीं है 
आँख मूंद मौन स्वीकृति दे रहे है 
और खबर से जान कर अनजान हो रहे 

कर्त्तव्य का किसको है भान
अधिकार के लिए जिधो जहद करता है इन्सान 
माँ भारती का करो कुछ तो ख्याल
मत करो अपने ही देश  को हलाल 

भ्रस्टाचार का दाग सहेजे है यह 
अपने ही कपूत की करतूत से 
न चिंता है आन की न शान की 
बस अपना तो मतलब सीधा हो इसीमे है परेशां

हे राम ! हें राम !! हे राम !!!
बस तू ही आता है ध्यान 
कर सके तो कुछ कर ले 
वरना बाँट कर खा जायेंगे 
सफ़ेद कपडे में ये काले  इन्सान 

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